बसना(जीतयादव)। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल में बाल विज्ञान परिषद् के तत्वावधान में विद्यार्थियों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पुस्तक ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ना रहा, जिससे वे विज्ञान को सरल एवं रोचक तरीके से समझ सकें।
“गतिविधि आधारित शिक्षण से विज्ञान बना आसान और रोचक”
बाल विज्ञान परिषद् के संयोजक एवं विज्ञान शिक्षक प्रेमचन्द साव द्वारा खेल-खेल में और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान विषय का अध्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में जिज्ञासा बढ़ती है और वे विषय को आसानी से आत्मसात कर पाते हैं।

“बेगलेस डे शनिवार” के अंतर्गत विद्यार्थियों को फोल्डस्कोप (Foldscope) से परिचित कराया गया। इस अवसर पर प्रेमचन्द साव ने बताया कि फोल्डस्कोप एक पॉकेट माइक्रोस्कोप है, जो कम लागत में उपलब्ध होता है और प्रयोगशाला में रखे पारंपरिक माइक्रोस्कोप के समान या उससे बेहतर आवर्धन क्षमता प्रदान करता है। इसके माध्यम से पत्तियों की बनावट, रेशे, कीटों के अंग तथा सूक्ष्मजीवों को बड़े आकार में देखा जा सकता है।

कक्षा छठवीं से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं ने फोल्डस्कोप की सहायता से विभिन्न वस्तुओं का अवलोकन किया और स्वयं प्रयोग कर सीखने का अनुभव प्राप्त किया। बच्चों ने पत्तियों, फूलों, रुई, धागे एवं पानी की बूंदों में उपस्थित सूक्ष्म कणों को देखकर विशेष उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने फोल्डस्कोप से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर शिक्षक प्रेमचन्द साव ने सरल भाषा में देकर उनकी जिज्ञासा शांत की। बच्चों ने बताया कि इस तरह के प्रयोगों से विज्ञान विषय कठिन नहीं बल्कि रोचक लगता है।

विद्यालय परिवार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे गतिविधि आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उनमें खोज और प्रयोग की भावना को मजबूत करते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में रुचि के साथ अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।




