बसना(जीतयादव)।जनपद पंचायत बसना अंतर्गत ग्राम पंचायत दलदली के ग्राम बिलखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। योजना के तहत ग्राम दलदली निवासी देव प्रसाद प्रजापति के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया गया था, लेकिन योजना की पहली किश्त की राशि गलत बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई, जिससे हितग्राही को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैंक प्रबंधन की चूक या मिलीभगत? गलत खाते में गई प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि पर उठे सवाल।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिरदा शाखा द्वारा की गई त्रुटि के चलते 40,000 रुपये की प्रथम किश्त देव प्रसाद प्रजापति के खाते में न जाकर ग्राम सितापुर निवासी बिलासिनी प्रधान के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेज दी गई। इस गंभीर गलती का खामियाजा वास्तविक हितग्राही को भुगतना पड़ रहा है।

हितग्राही देव प्रसाद प्रजापति पिछले कई दिनों से जनपद पंचायत बसना और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। राशि के अभाव में आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से परेशान हैं।
जब इस संबंध में हमारे संवाददाता ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिरदा शाखा के शाखा प्रबंधक से जानकारी लेने का प्रयास किया, तो उन्होंने किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए। शाखा प्रबंधक का यह रवैया पूरे मामले को और भी संदेहास्पद बना रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जिस खाते में प्रथम किश्त की राशि अंतरित की गई है, वह व्यक्ति शाखा प्रबंधक का निजी रिश्तेदार बताया जा रहा है तथा दोनों एक ही समाज से संबंध रखते हैं। इसी आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि सरकारी राशि का अंतरण जानबूझकर गलत खाते में किया गया हो, ताकि राशि का गबन किया जा सके। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक जांच शुरू नहीं की गई है।

पीड़ित हितग्राही का कहना है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच कर राशि सही खाते में स्थानांतरित नहीं की गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ आंदोलन का रास्ता अपनाने को भी मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित हितग्राही को कब न्याय मिल पाता है।



