पिथौरा(जीतयादव)।पिथौरा विकासखण्ड के बहुचर्चित धान खरीदी केंद्र पिरदा में एक बार फिर अवैध धान तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। बीती रात करीब 1 बजे राइस मिल से बाहर का पुराना धान चोरी-छिपे मंडी परिसर में लाकर उतारने की कोशिश की जा रही थी। यह धान खरीदी केंद्र में खपाने की साजिश थी, जिसे समय रहते प्रशासन ने नाकाम कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात पिरदा मंडी परिसर के भीतर गेट अंदर से बंद कर ट्रक खाली किया जा रहा था। गांव के कोटवार द्वारा आवाज लगाने तथा एसडीएम और तहसीलदार के निर्देश देने के बावजूद मंडी का गेट नहीं खोला गया। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार ललित सिंह ने साहस दिखाते हुए मंडी गेट का ताला तुड़वाकर जांच शुरू कराई।
पिरदा धान खरीदी केंद्र में राइस मिल से लाकर खरीदी केंद्र में खपाने की थी तैयारी, प्रशासन सतर्क
कार्रवाई के दौरान एसडीएम एवं बसना थाना प्रभारी के सहयोग से प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंडी के भीतर करीब 15 से 17 लोग मौजूद थे, जो ट्रक से धान उतार रहे थे। मीडिया टीम के पहुंचते ही मंडी गेट नहीं खोला गया और कई लोग दीवार फांदकर मौके से फरार होते नजर आए।

विशेष सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में पिरदा मंडी धान खरीदी प्रभारी रोहित पटेल एवं मंडी प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। जांच के दौरान मौके से एक स्विफ्ट कार क्रमांक CG06 GS 8219, दूसरी कार CG06 HA 8702 तथा धान से भरी गाड़ी CG06 GR 8702 बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह पुराना धान था, जिसे मालती राइस मिल से देर रात खरीदी केंद्र में लाकर खपाने का प्रयास किया जा रहा था।

तहसीलदार एवं एसडीएम ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और मौके पर पंचनामा तैयार कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है और दोषियों की पहचान की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी इसी पिरदा धान खरीदी केंद्र में अवैध धान खपाने का मामला सामने आया था, जिससे इस केंद्र की कार्यप्रणाली पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस बार दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



