रायपुर(जीतयादव)।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर पुलिस थानों का शुभारंभ किया गया है। यह पहल ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फेक आईडी, हैकिंग और अन्य डिजिटल अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
आम नागरिकों को अब साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर ही त्वरित न्याय और तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सकेगी। यह कदम छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साइबर अपराध पर शिकंजा, आठ जिलों में नए साइबर पुलिस थानों का शुभारंभ।
इसके साथ ही प्रदेश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आठ जिलों में नए साइबर पुलिस थानों का शुभारंभ किया गया है। इन थानों के माध्यम से ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध, बैंकिंग फ्रॉड और डिजिटल अपराधों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय और सुरक्षा मिल सकेगी।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा नौ नए पुलिस थानों के आधुनिक भवन, पुलिस कर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल तथा माना स्थित सेंट्रल आर्म्स स्टोर का भी लोकार्पण किया गया। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।

सरकार का मानना है कि आधुनिक आधारभूत संरचना से न केवल पुलिसिंग में सुधार होगा, बल्कि नए आपराधिक कानूनों और न्याय संहिताओं के प्रावधानों का बेहतर क्रियान्वयन भी संभव हो सकेगा। इससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस बल का मनोबल भी बढ़ेगा और जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।यह कदम प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।




