बसना। जिला महासमुंद अंतर्गत ग्राम पंचायत अरेकेल में पंचायत स्तर पर लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम के एक स्थानीय निवासी द्वारा 1 दिसंबर 2025 को पंचायत सचिव सोहन लाल चौहान के पास अपनी समस्या से संबंधित लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन लगभग तीन सप्ताह बीत जाने के बावजूद न तो उस आवेदन पर कोई लिखित जवाब दिया गया है और न ही किसी प्रकार की सूचना उपलब्ध कराई गई है।
आवेदक का कहना है कि आवेदन देने के बाद उसने पंचायत सचिव से फोन के माध्यम से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन न तो कॉल रिसीव की गई और न ही वापस कोई जवाब दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और यह स्पष्ट होता है कि पंचायत स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
ग्राम पंचायत अरेकेल में सचिव की लापरवाही से ग्रामीण परेशान
जानकारों के अनुसार पंचायत नियमों के तहत किसी भी आवेदन पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई एवं सूचना देना अनिवार्य है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता का विश्वास कायम रहे। लेकिन इस प्रकरण में नियमों की अनदेखी की गई है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर आवेदन का निराकरण नहीं किया गया तो उन्हें बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। साथ ही इससे पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।

ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच कर पंचायत सचिव को जवाबदेह बनाया जाए तथा भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और संबंधित आवेदक को कब तक न्याय मिल पाता है।




