बसना(जीतयादव)।जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने केंद्र सरकार के 2026 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरी तरह जनविरोधी, किसान विरोधी और गरीब विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और इसमें गांव, किसान, मजदूर तथा बेरोजगार युवाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
बजट में किसान, गरीब और बेरोजगार युवाओं की अनदेखी, कॉरपोरेट को मिला फायदा।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि बजट में किसानों के हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया है। न तो धान खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने की बात की गई है, न ही सिंचाई, खाद-बीज, कृषि यंत्र और खेती से जुड़े संसाधनों के लिए पर्याप्त बजट रखा गया है। इससे प्रदेश के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और भविष्य को लेकर भारी निराशा में हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक विकास और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सिर्फ कटौती ही देखने को मिल रही है। गरीब कल्याण योजनाएं, फसल बीमा, खाद सब्सिडी तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए संचालित योजनाओं में भी कमी की गई है, जिससे कमजोर और वंचित वर्गों पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार का यह बजट आम जनता की बजाय कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगपतियों को राहत दी गई है, जबकि गांव और किसान की समस्याओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।

उन्होंने बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि यह बेरोजगार युवाओं के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। बजट में न तो नई भर्तियों की बात है, न ही रोजगार सृजन, स्वरोजगार, स्टार्टअप या कौशल विकास को लेकर कोई ठोस योजना दिखाई देती है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि देश और प्रदेश के लाखों पढ़े-लिखे युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार की नीतियां युवाओं को अंधेरे में धकेलने वाली साबित हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार किसान, गरीब और युवाओं के हित में ठोस कदम उठाए।




