महासमुंद(जीतयादव)।महासमुंद पुलिस द्वारा शिशु संस्कार विद्यालय, महासमुंद में समाजहित में एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत लगभग 200 से 250 छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा, मोबाइल के दुरुपयोग तथा ऑनलाइन गेम से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जागरूकता अभियान में छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति, साइबर फ्रॉड और मोबाइल दुरुपयोग से बचाव की दी जानकारी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव के बारे में सरल शब्दों में समझाया और बताया कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत MANAS टोल फ्री नंबर 1933 पर शिकायत दर्ज करें, जिससे समय पर कार्रवाई की जा सके।
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महासमुंद पुलिस ने जागरूकता अभियान में बच्चों को मोबाइल के सीमित उपयोग की सलाह देते हुए बताया कि मोबाइल में उपलब्ध कई ऑनलाइन गेम और ऐप्स के कारण साइबर फ्रॉड का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि मानसिक तनाव और पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता है। अधिक स्क्रीन टाइम से आंखों में जलन, सिरदर्द, अनिद्रा और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं के बारे में भी छात्रों को जागरूक किया गया।

इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को टोल फ्री नंबर 1098 की जानकारी दी गई, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके। आपात स्थिति में डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से संपर्क करने की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बच्चों को विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि किसी भी अजनबी व्यक्ति से चॉकलेट, उपहार या किसी भी प्रकार का सामान लालच में आकर न लें और हमेशा सतर्क रहें। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक नागरिक बनाना रहा, ताकि वे नशे और डिजिटल खतरों से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें।




