बसना(जीतयादव)।नगर पंचायत बसना के वार्ड क्रमांक 01 में बीते लगभग 40 वर्षों से निवासरत 250 से अधिक परिवारों को आबादी पट्टा दिलाने की मांग अब जिला प्रशासन तक पहुंच चुकी है। इस जनहित मुद्दे को लेकर वार्ड पार्षद मनोज कुमार गहेरवाल ने कलेक्टर महासमुंद से मुलाकात कर शासकीय घास मद की भूमि को आबादी मद में परिवर्तित करने की मांग रखी।
शासकीय घास मद भूमि को आबादी मद में बदलने की उठी मांग।
पार्षद मनोज गहेरवाल ने कलेक्टर को अवगत कराया कि उक्त भूमि पर लंबे समय से सैकड़ों परिवार अपने मकान बनाकर रह रहे हैं। वर्तमान में यह पूरा क्षेत्र पूर्ण आबादी क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है, जहां नगर पंचायत बसना द्वारा सड़क, बिजली, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही नगर पंचायत द्वारा यहां नियमित रूप से कर वसूली भी की जा रही है, बावजूद इसके भूमि का रिकॉर्ड अब तक घास मद में दर्ज है।

उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र अनुसूचित जाति बहुल है तथा अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। भूमि आबादी मद में दर्ज नहीं होने के कारण ये परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनका पक्का मकान बनाने का सपना अधूरा रह जा रहा है।
पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में नगर पंचायत बसना की परिषद द्वारा पूर्व में ही विधिवत प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है।

कलेक्टर महासमुंद ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और शासन स्तर पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर के सकारात्मक रुख से वार्डवासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही भूमि को आबादी मद में परिवर्तित कर पात्र परिवारों को आबादी पट्टा मिलेगा और वर्षों से संघर्ष कर रहे गरीब परिवारों का “अपने घर” का सपना साकार हो सकेगा।




