बसना(जीतयादव)। अरेकेल बाईपास से सराईपाली बाईपास तक बने गौरव पथ पर अब हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में डिवाइडर पर लगभग 30 के आसपास क्रॉसिंग बनाए गए हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इन क्रॉसिंग पर किसी प्रकार का ट्रैफिक सिग्नल या चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
गौरव पथ पर अनियमित क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल की कमी, तीन महीनों में 150 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा हर 100 से 200 मीटर की दूरी पर डिवाइडर में क्रॉसिंग बना दी गई है, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में खतरा बढ़ गया है। डिवाइडर की ऊंचाई और उसमें लगाए गए पेड़-पौधों के कारण सामने से आने वाले वाहन या सड़क पार करने वाले लोग आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन महीनों में लगभग 150 सड़क दुर्घटनाओं के मामले बसना थाने में दर्ज किए गए हैं। वहीं कई छोटे हादसे ऐसे भी हैं जो पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाए हैं। नागरिकों का दावा है कि औसतन हर महीने 70 से 80 दुर्घटनाएं इस मार्ग पर हो रही हैं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है।
इस मामले को लेकर वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद मनोज गहेरवाल ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि वार्ड को जोड़ने वाले इन क्रॉसिंग के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने नगर पंचायत के सीएमओ, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को इस समस्या से अवगत कराते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

वहीं नगर पंचायत बसना के उपाध्यक्ष शीत गुप्ता ने कहा कि गौरव पथ निर्माण के दौरान अनावश्यक क्रॉसिंग बनाए गए हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिया है कि अनावश्यक क्रॉसिंग को जल्द बंद किया जाए।

फिलहाल यह मुद्दा बसना नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों की मांग है कि गौरव पथ पर प्रशासन जल्द से जल्द ट्रैफिक सिग्नल, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय लागू करे, ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।



