बसना(जीतयादव)। बसना थाना भवरपुर चौकी क्षेत्र में इन दिनों 100 और 200 रुपये के हूबहू दिखने वाले नकली नोटों के जरिए ठगी का मामला सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे कुछ लोग छोटे दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं और नाबालिग बच्चों द्वारा संचालित दुकानों को निशाना बना रहे हैं।
नाबालिग दुकानदारों को बना रहे निशाना, 100-200 के नकली नोट से ग्रामीणों को लग रहा चूना।
जानकारी के अनुसार ठग ‘मनोरंजन बैंक’ या तथाकथित चूरन वाले नोटों को असली नोट की तरह चलाकर सामान खरीद लेते हैं। ये नोट आकार, रंग और कागज की बनावट में असली नोट जैसे ही दिखते हैं, जिससे कम पढ़े-लिखे विक्रेता आसानी से धोखा खा जाते हैं। जब तक दुकानदार या उनके अभिभावकों को नोट के नकली होने का पता चलता है, तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके होते हैं।

सब्जी बेचने वाली महिलाओं और छोटे किराना दुकानदारों का कहना है कि दिनभर की मेहनत के बाद जब ऐसे नोट हाथ लगते हैं, तो उनकी पूरी कमाई पर पानी फिर जाता है। कई मामलों में दुकान पर बैठे बच्चों को भी ठग निशाना बना रहे हैं, क्योंकि उन्हें असली और नकली नोट की पहचान नहीं होती।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि ऐसे नकली नोट बेचने वालों और चॉकलेट-गिफ्ट दुकानों में खुलेआम बिक रहे ‘मनोरंजन बैंक’ नोटों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि रात के समय या भीड़भाड़ का फायदा उठाकर ये ठग आसानी से नकली नोट खपा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से अपील की है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि दुकानदार असली और नकली नोट की पहचान कर सकें। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी बढ़ाकर कानूनी शिकंजा कसा जाए, जिससे गरीब और मेहनतकश लोगों को इस तरह की ठगी से बचाया जा सके।



