टेक्सटाइल और कपास पर उद्योग और श्रमिक हित में स्पष्ट नीति व जानकारी सार्वजनिक करने की अपील।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इस क्षेत्र से किसान, कपास उत्पादक, बुनकर, छोटे व्यापारी और लाखों श्रमिक सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। यदि इस क्षेत्र में असंतुलित व्यापार नीति लागू की जाती है, तो इसका सीधा प्रभाव रोजगार, उत्पादन और निर्यात पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से ही कई छोटे और मध्यम उद्योग आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में नीतिगत असंतुलन उनकी स्थिति को और कमजोर कर सकता है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि बांग्लादेश के उत्पादों पर शून्य प्रतिशत कर लगाया जाता है और भारतीय उत्पादों पर अधिक कर लागू होता है, तो इससे भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धा क्षमता प्रभावित हो सकती है। मोक्ष कुमार प्रधान ने केंद्र सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि उद्योग जगत और आम जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को उद्योगों और श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।
अंत में मोक्ष कुमार प्रधान ने जोर देते हुए कहा कि टेक्सटाइल और कपास उद्योग से जुड़े मुद्दों पर व्यापक राष्ट्रीय चर्चा की आवश्यकता है, ताकि देश के करोड़ों लोगों के भविष्य और रोजगार को सुरक्षित रखा जा सके।




