बसना(जीतयादव)। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), पुणे में 2 से 4 फरवरी तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान एवं गणित शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं छात्र केंद्रित बनाने के उद्देश्य से आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षक-व्याख्याताओं ने सहभागिता की, जिसमें महासमुंद जिले से चार व्याख्याता शामिल रहे।
IISER में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत विज्ञान शिक्षण को रोचक बनाने पर मिला विशेष प्रशिक्षण।
महासमुंद जिले के अंतर्गत सरायपाली से श्रीमती रेखा पुरोहित (स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, सरायपाली), नंदकुमार पटेल (शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गड़बेड़ा – पिथौरा), अंकित कुमार (हायर सेकेंडरी स्कूल बी.के. बाहरा – बागबाहरा) तथा रंजिता दुबे (शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, बिरकोनी – महासमुंद) ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यशाला का आयोजन राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा रायपुर के तत्वावधान में किया गया। इस दौरान समग्र शिक्षा रायपुर के कोऑर्डिनेटर राजेश सोनकर तथा IISER पुणे के लीड कोऑर्डिनेटर अशोक रूपनेर, अंकित तिरपुड़ एवं उनकी टीम का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग शिक्षकों को प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा शिक्षण में विज्ञान को केवल सैद्धांतिक रूप तक सीमित न रखकर उसे प्रयोग आधारित, खोज परख एवं गतिविधि केंद्रित बनाना रहा। ताकि छात्र-छात्राओं में तर्कशक्ति, जिज्ञासा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हो सके। कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों को IISER पुणे के साइंस सेंटर, आधुनिक प्रयोगशालाओं, तारामंडल एवं खगोल पिंडों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया।
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इसके साथ ही विज्ञान के जटिल विषयों को दैनिक जीवन के उदाहरणों से सरल एवं प्रभावी ढंग से पढ़ाने की तकनीक सिखाई गई तथा कम लागत में शिक्षण सामग्री (TLM) के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर शिक्षक अब अपने-अपने विद्यालयों में नवाचारी शिक्षण गतिविधियों को लागू करेंगे, जिससे छात्रों में खोजी दृष्टिकोण एवं वैज्ञानिक सोच का विकास होगा और इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।




