बसना(जीतयादव)। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में देश के पहले राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस भव्य और राष्ट्रीय महत्व के आयोजन का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।

राज्यपाल डेका ने जंबूरी के उद्घाटन की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एकता और पारिवारिक सद्भाव को मजबूत करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन संभावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत स्काउट-गाइड की 75वीं वर्षगांठ पर इस राष्ट्रीय जंबूरी का आयोजन युवाओं को एक सूत्र में पिरोने वाला ऐतिहासिक कदम है।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘युवा भारत’ की थीम
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘युवा भारत’ की भावना पर आधारित है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं, बोलियों और संस्कृतियों से आए युवा एक मंच पर एकजुट हो रहे हैं। इस अवसर पर भारत स्काउट-गाइड के सोल्जर बैज का भी विधिवत विमोचन किया गया।
एकाकीपन से बाहर निकलने का मंच : स्कूल शिक्षा मंत्री
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षण अविस्मरणीय है, जब पूरा भारत एक साथ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते एकाकीपन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ही टेंट में साथ रहने वाले बच्चे एक-दूसरे से सीखकर सकारात्मक सोच और सामाजिक जुड़ाव विकसित करेंगे।
उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड की शिक्षा युवाओं को अभाव में रहकर जीवन जीने, अनुशासन, संस्कृति के साथ विकास और सेवा भाव की प्रेरणा देती है।
लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
जंबूरी के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ के बच्चों ने सुआ नृत्य, डंडा नृत्य, गेड़ी नृत्य एवं बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी। लगभग 5000 स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर की मौजूदगी में विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित गीतों और मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
बसना टीम की सशक्त भागीदारी
इस राष्ट्रीय जंबूरी में बसना टीम से गिरीश पाढ़ी, विवेकानंद दास, डिजेन्द्र कुर्रे, सालिक राम टंडन, रोहित शर्मा, टेकलाल पटेल, रेखराम पटेल, ईश्वरी पोर्रे, बागेश्वरी घृतलहरे सहित कई स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स ने सक्रिय सहभागिता निभाई।






