बसना(रूपानंद साव)। नगर पंचायत बसना क्षेत्र में सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम कर रहे ठेकेदारों की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीण बैंक (टीटी कंपनी) के पास सड़क के बीचोंबीच बड़े लाइन का केबल कनेक्शन बिछाकर खुला छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय व्यापारियों और जागरूक नागरिकों ने नगर पंचायत को कई बार मौखिक सूचना दी, लेकिन अब तक किसी अधिकारी या कर्मचारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
खतरे के बीच खेलते बच्चे, रोज गुजरते राहगीर
ग्रामिण बैंक और टीटी कंपनी के पास दिनभर बच्चे खेलते रहते हैं। वहीं बिहान समूह से जुड़ी महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ बैंक कार्य के लिए रोज यहां पहुंचती हैं। खुले तारों के बीच से गुजरना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है।खटखटी मोड़ में भी एक बिजली खंभे को हटाए बिना उस पर सीसी सड़क डाल दी गई, जिससे हादसे की संभावना बनी हुई है।
नगर पंचायत की लापरवाही उजागर
सूत्रों के अनुसार, नगर पंचायत में दर्जनों इंजीनियर और कर्मचारी होने के बावजूद शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पदमपुर रोड गौरवपथ की स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद हैं।
पूर्व उपाध्यक्ष अभिमन्यु जायसवाल के घर के सामने एनजीटी के तहत तोड़ा गया भवन मलबा अभी तक नहीं हटाया गया।
नगर के कई प्रमुख चौक, बस स्टैंड और कन्या शाला क्षेत्र में ठेला चौपाटी और कचरे के ढेर जस के तस पड़े हैं।
जाम और अव्यवस्था बनी समस्या
एचडीएफसी और आईडीएफसी बैंक के सामने दिनभर सड़क पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग रहती है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।कन्या शाला के पास से गुजरने वाली छात्राओं को बड़े वाहनों से साइड लेते समय अक्सर गिरने की नौबत आ जाती है।
सूख रहे हैं गार्डन के पौधे
सीटी सिनेमा के सामने “हमर बसना” बैनर के नीचे बनाए गए गार्डन में पौधों की सिंचाई नहीं होने से सभी पौधे सूखकर मर रहे हैं। इससे नगर सौंदर्यीकरण की स्थिति भी खराब दिख रही है।
खुले हाई-टेंशन तार से बढ़ा खतरा
ग्रामीण बैंक के बगल में हाई मास्क झुमर और स्ट्रीट लाइट के केबल बिछाकर ठेकेदारों ने प्रवाहित तार खुले में ही छोड़ दिए हैं। यह तार सड़क और नाली के किनारे जमीन से सटे हुए हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
जनप्रतिनिधियों से उम्मीद
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को जनता की सुरक्षा और सेवा के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।एक फोन कॉल पर मौके पर पहुंचकर समस्या का निराकरण किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में जिम्मेदारों की उदासीनता और अनदेखी साफ दिखाई दे रही है।






