नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय का शिलान्यास, सीएम साय बोले – “जीरो पावर कट स्टेट से मुफ्त बिजली की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़”
नवा रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुधवार को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। छत्तीसगढ़ अब जीरो पावर कट स्टेट से मुफ्त बिजली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सीएम ने बताया कि पावर सेक्टर में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुए हैं। इससे करीब 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की जरूरतें भी पूरी करेगी।
पीएम सूर्य घर योजना से बढ़ रहा भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के कारण छत्तीसगढ़ में मुफ्त बिजली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इससे आम जनता को राहत मिल रही है और प्रदेश ऊर्जा उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बन रहा है।
पेड़ माँ के नाम अभियान से जोड़ा संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत मौलश्री का पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी सरकार की प्राथमिकता है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में यह भवन और यह पौधारोपण दोनों प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं।
नया भवन देगा कार्यकुशलता को नई दिशा
सीएम साय ने बताया कि यह नया भवन स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, पावर जेनरेशन कंपनी और पावर ट्रांसमिशन कंपनी – इन तीनों को एक ही परिसर में लाएगा। इससे आपसी समन्वय बेहतर होगा और अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था, तब प्रदेश सिर्फ 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन करता था। आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो चुकी है। यह उपलब्धि प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयास और ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर निवेश का परिणाम है।
ग्रीन एनर्जी आधारित भवन, लागत 270 करोड़
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन आधुनिकता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम होगा। नौ मंजिला इस भवन का क्षेत्रफल 10,017 वर्ग मीटर है।
भवन ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा और इसमें तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। इन टॉवरों में क्रमशः पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, पावर जेनरेशन कंपनी और पावर ट्रांसमिशन कंपनी का संचालन होगा।
कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ
लगभग 1,300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसमें 210 सीटों वाला प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन जैसी व्यवस्थाएँ होंगी।
वन मंत्री ने कहा कि यह भवन न केवल कार्यकुशलता को बढ़ाएगा बल्कि कर्मचारियों को आधुनिक और स्वस्थ कार्यस्थल भी उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि
शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव विशेष रूप से मौजूद रहे। सभी ने मिलकर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर चर्चा की।



