महासमुंद: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 528 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की हुई पहचान, 321 की हुई सोनोग्राफी
महासमुंद। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का तीन दिवसीय आयोजन 24 से 26 सितंबर 2025 तक जिले में किया गया। इस दौरान कुल पंजीकृत 9060 गर्भवती महिलाओं में से 1712 महिलाएं जांच हेतु चिह्नांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंची। इनमें से 528 गर्भवती महिलाएं उच्च जोखिम (High Risk Pregnancy) श्रेणी में पाई गईं।
इस अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, परामर्श और प्रसव योजना बनाई गई। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनके लिए सुरक्षित प्रसव हेतु आवश्यक कदम उठाए गए। वहीं 321 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी द्वितीय एवं तृतीय तिमाही में की गई, ताकि समय रहते जोखिम की पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
प्रमुख बिंदु:
गर्भवती महिलाओं की चिकित्सा इतिहास एवं नैदानिक स्थिति के आधार पर उच्च जोखिम की पहचान।
प्रत्येक महिला के लिए जन्म योजना (Birth Plan) तैयार की गई।
जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जांच व सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराई गई।
अभियान के लिए पूर्व तैयारी के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नामवार सूची तैयार की गई थी।
अभियान का उद्देश्य
भारत सरकार की पहल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल (ANC Services) प्रदान करना सुनिश्चित किया जाता है। विशेषकर दूसरी और तीसरी तिमाही में व्यापक जांच कर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए तैयार करना इसका मुख्य लक्ष्य है।
इस बार का अभियान विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान, उपचार और परामर्श पर केंद्रित रहा। चिकित्सा विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, समय पर जांच और सुरक्षित प्रसव संबंधी जरूरी सुझाव भी दिए।
👉 इससे जिले की हजारों गर्भवती माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मदद मिली है।



