सरायपाली(जीतयादव)।जगन्नाथ युवा समिति बाराडोली के तत्वावधान में आयोजित तृतीय वर्ष की दो दिवसीय अंतर्राज्यीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य और रोमांचक समापन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ गुरुवार 5 फरवरी को हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा की कई मजबूत टीमों ने भाग लिया। उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक सरायपाली चातुरी नन्द, मंडल अध्यक्ष केदुंवा दण्डधर साव, पूर्व सरपंच लक्ष्मीशंकर दीवान, जयकृष्ण साहू एवं ओमप्रकाश साव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता की शुरुआत की।
राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ियों की मौजूदगी में रोमांचक मुकाबलों के साथ संपन्न हुआ आयोजन।
अंतर्राज्यीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता को सफल बनाने में पूर्व सरपंच लक्ष्मीशंकर दीवान का विशेष योगदान रहा। प्रथम पुरस्कार की राशि उनके द्वारा दी गई, जबकि छह फीट की चमचमाती ट्रॉफी शिवा इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक पाटसेन्द्री के सौरभ पटेल ने प्रदान की। द्वितीय पुरस्कार की राशि और ट्रॉफी शनि ट्रेडर्स पाटसेन्द्री के प्रोपराइटर प्रकाश पटेल ने तथा तृतीय पुरस्कार धान खरीदी केंद्र बाराडोली के कर्मचारियों द्वारा प्रदान किया गया।
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दूसरे दिन खेले गए मुकाबलों में पहला सेमीफाइनल द्वारी (बरगढ़ ओडिशा) और कुरकुटी (बलौदाबाजार) के बीच हुआ, जिसमें द्वारी ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरा सेमीफाइनल बैंगची (सारंगढ़ बिलाईगढ़) और बिरकोल (महासमुंद) के बीच खेला गया, जिसमें बैंगची ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
वॉलीबॉल फाइनल मुकाबला द्वारी बनाम बैंगची के बीच खेला गया, जिसमें द्वारी टीम ने 16-20, 20-17 और 15-11 से जीत दर्ज कर प्रथम स्थान प्राप्त किया और विजयी ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल मैच का मैन ऑफ द मैच द्वारी के खिलाड़ी विकास (रिकन) को, बेस्ट स्मैशर का खिताब राका (बैंगची) को और बेस्ट डिफेंडर का खिताब द्वारी के खिलाड़ी ऋतुराज को दिया गया।

वॉलीबॉल प्रतियोगिता समापन समारोह में मुख्य अतिथि सरला कोसरिया (सदस्य राज्य महिला आयोग), विशिष्ट अतिथि कुमारी भास्कर (सभापति जिला पंचायत महासमुंद), डोलचंद पटेल, जलंधर प्रधान, लक्ष्मीशंकर दीवान, त्रिलोचन साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने खेलों को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए युवाओं को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन ऋषि कुमार प्रधान ने किया, वहीं धन्यवाद ज्ञापन सुंदर लाल डडसेना ने किया। इस सफल आयोजन में क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं ग्रामीणों का उल्लेखनीय योगदान रहा, जिससे यह प्रतियोगिता क्षेत्र की खेल संस्कृति को नई पहचान देने में सफल रही।




