सरायपाली(जीतयादव)।विकासखण्ड स्तर पर समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की छात्रवृत्ति संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मिलने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा छात्रवृत्ति आवेदन और वितरण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करना रहा।
बैठक में छात्रवृत्ति आवेदन की प्रगति की समीक्षा, समय-सीमा में ऑनलाइन प्रविष्टि करने के दिए निर्देश।
बैठक की अध्यक्षता विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी टी.सी. पटेल ने की, जबकि सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.एन. दीवान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान अधिकारियों ने प्राचार्यों को छात्रवृत्ति से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के हित में विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचाना सभी विद्यालयों की जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराकर ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज कराएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति से वंचित न रहने दिया जाए और आवेदन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।

बैठक के दौरान छात्रवृत्ति आवेदन से संबंधित आने वाली तकनीकी एवं अन्य समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विभिन्न सुझाव दिए, जिनके आधार पर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यदि किसी विद्यालय को आवेदन प्रक्रिया में कठिनाई आती है तो विकासखण्ड कार्यालय से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी विद्यालय नियमित रूप से छात्रवृत्ति आवेदन की प्रगति की जानकारी विकासखण्ड कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा सके।
इस अवसर पर विकासखण्ड के विभिन्न शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के हित में छात्रवृत्ति योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया। बैठक के अंत में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी टी.सी. पटेल ने सभी प्राचार्यों से विद्यार्थियों के हित में योजनाओं का सही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।



