सरायपाली। स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय में भूतपूर्व विद्यार्थी सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चातुरी डिग्री लाल नंद थीं। इस अवसर पर पूर्व छात्रों ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अनुभव साझा किए।प्राचार्य डॉ. संध्या भोई ने महाविद्यालय की उपलब्धियों और छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि हर वर्तमान कहीं न कहीं अपने अतीत से जुड़ा होता है। कृषि में ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाला छत्तीसगढ़ आज जैविक खेती और खाद्य प्रसंस्करण की ओर अग्रसर है।
स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह कॉलेज : पूर्व छात्रों का मिलन, विधायक चातुरी डिग्री लाल नंद रहीं मुख्य अतिथि।
स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह महाविद्यालय 1 जुलाई 1972 को स्थापित हुआ था और 2022 में अपनी स्वर्ण जयंती मना चुका है। वर्तमान में यहाँ स्नातक स्तर पर बीए, बीकॉम और बीएससी की कक्षाएं तथा स्नातकोत्तर में 7 विषयों की पढ़ाई हो रही है। लगभग 1500 छात्र-छात्राएँ यहाँ अध्ययनरत हैं।

भूतपूर्व कल्याण समिति अध्यक्ष पुखराज सिंह ने कहा कि इस महाविद्यालय से मिली शिक्षा और संस्कार जीवनभर मार्गदर्शन करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपने अध्ययन और अध्यापन दोनों के अनुभव साझा किए।

मुख्य अतिथि विधायक चातुरी डिग्री लाल नंद ने कहा कि वे भी इस महाविद्यालय की पूर्व छात्रा रही हैं। 2002 में यहीं से शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्हें जीवन में नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और उज्जवल भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किया।
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कार्यक्रम में खेमराज पटेल, प्रदीप गुप्ता, स्वर्ण सिंह सलूजा, अनीता चौधरी सहित अनेक पूर्व छात्र उपस्थित थे।



