सारंगढ़ में उफनते नाले में कार बह गई तीन लोगों ने तैरकर बचाई जान
सारंगढ़। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम के सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसी क्रम में सारंगढ़ में एक भयानक घटना सामने आई, जब उफनते नाले को पार कर रही कार बह गई। सौभाग्य से कार सवार तीन लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली।
घटना में पता चला है कि तीनों लोग बरमकेला से ओडिशा जा रहे थे। ग्रामीणों ने उन्हें बार-बार नाला पार न करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज किया। नाले का जलस्तर 2-3 फीट ऊपर बह रहा था, और इसके बावजूद कार सवार जोखिम उठाकर आगे बढ़ गए।
बरमकेला का विक्रम नाला : खतरे का सालों पुराना कारण
बरमकेला का विक्रम नाला वर्षों से अधूरे पुल के कारण लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय विधायक ने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकला है। लगातार बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बना रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नाले या नदी पार करते समय यदि जलस्तर बढ़ा हो या बहाव तेज हो, तो किसी भी वाहन या व्यक्ति के लिए जोखिम बहुत अधिक होता है। सारंगढ़ में हुई यह घटना उसी खतरे का उदाहरण है।
प्रदेश में बारिश का असर
राज्य के कई हिस्सों में बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। रायपुर और बलौदाबाजार में मंगलवार सुबह से तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण रायगढ़ के केलो डैम के तीन गेट खोल दिए गए हैं। इसके चलते केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है और आसपास के इलाकों में संभावित बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, सरगुजा, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और रायपुर सहित 19 जिलों में मध्यम से भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
पशु हानि की खबर
बारिश और आकाशीय बिजली की वजह से मवेशियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। रायपुर के नवापारा क्षेत्र से लगे पारागांव में आकाशीय बिजली गिरने से 27 बकरे-बकरियों की मौत हो गई। सभी मवेशी महानदी के किनारे चर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना में 7 बकरियां घायल भी हुई हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश और बिजली की संभावना को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
बारिश के आंकड़े
पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश मैनपुर में दर्ज की गई, जहां 60 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश की लगातार यह स्थिति प्रभावित इलाकों में जलभराव और नालों-नदियों में उफान का कारण बन रही है।
मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नाले या नदी पार न करें, नदी किनारे न जाएं और बच्चों तथा मवेशियों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को बारिश के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करने और आपातकालीन नंबरों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।



