सरायपाली। विधायक चातुरी नंद ने कहा कि “शिक्षक समाज की रीढ़ हैं, जिनके बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है।” उन्होंने कहा कि केवल बच्चों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनके भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं।विधायक नंद ने अपने गुरु स्व. डॉ. पद्मा डड़सेना को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा और समाजसेवा में जो आदर्श प्रस्तुत किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ. अनिल प्रधान सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधन दिया।
51 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कुल 51 शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।सम्मानित शिक्षकों में प्रमुख रूप से प्रतिभा चौधरी, भोजकुमारी पटेल, अमृता पटेल, सरित मांझी, जयंत बारिक, विनोद चौधरी, गीता राय, प्रज्ञा शर्मा, टीकाराम चौधरी, बजरंग यादव, दयानंद चौधरी, अमृतलाल पटेल, अनंतराम पटेल, दुष्यंत पटेल, पुष्पा परेस्वर, धर्मेंद्रनाथ राणा, हेमंत चौधरी, उमाशंकर पटेल, किरण पटेल, अंजनी चौहान, पंचानन साहू, कौशल साहू और तरवती पटेल शामिल हैं।
कार्यक्रम में रही गरिमामयी उपस्थिति
इस मौके पर आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहन लाल भोई, वरिष्ठ शिक्षिका डॉ. शुभ्रा डड़सेना, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष आरएन आदित्य, चौहान सेना, उदय चौहान, भरत मेश्राम, कैलाश तांडी, घुरउ चौहान, तन्मय पंडा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





