राजिम।आध्यात्मिक चेतना, सेवा और मानव कल्याण के प्रतीक स्वामी अनुराज जी की जयंती के पावन अवसर पर 18 एवं 19 जनवरी 2026 को श्री चंकेश्वरी दिव्य गुरुधाम तरीघाट में दो दिवसीय “अमृत आनंद महोत्सव” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया है। यह आयोजन पूज्य गुरुजी डॉ. आनंद मतावले जी के पावन संरक्षण, सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में 19 जनवरी को रात्रि में समापन कार्यक्रम संपन्न होगा।

महोत्सव में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन, साधक-साधिकाएं, शिष्यगण, समाजसेवी, बुद्धिजीवी वर्ग एवं युवा शामिल हुए। पूरे गुरुधाम परिसर में भक्ति, साधना, अनुशासन और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
भक्ति, साधना और सेवा के संदेश के साथ श्रद्धालुओं ने मनाई स्वामी अनुराज जी की जयंती।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस स्वामी अनुराज जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने स्वामी अनुराज जी के त्याग, तपस्या, मानवता, समरसता एवं आध्यात्मिक मूल्यों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया जायेगा।

इस अवसर पर पूज्य गुरुजी डॉ. आनंद मतावले ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि स्वामी अनुराज जी का जीवन आत्मिक शुद्धता, सेवा, सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश आज भी समाज को सही दिशा देने वाला है। अमृत आनंद महोत्सव का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि मानव जीवन को आनंद, शांति और सद्भाव से जोड़ना है।

महोत्सव के दौरान ध्यान-साधना सत्र, भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, सत्संग, सेवा कार्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई। दूसरे दिन विशाल सत्संग, सामूहिक प्रार्थना, मंत्र दीक्षा तथा समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया जायेगा। इस दौरान विश्व कल्याण, सामाजिक समरसता एवं मानवता की मंगल कामना की गई।
कार्यक्रम में गुरु सत्ता आध्यात्मिक तंत्र ज्योतिष वेलफेयर सोसायटी राजिम के संरक्षक डॉ. आनंद मतावले गुरुजी सहित रामधन जोशी, रामगुलाल साहू (राजिम), चंद्रशेखर सिन्हा (मैनपुर), राजू चंद्राकर (बागबाहरा), परमानंद साहू (रायपुर), गिरीश गजेंद्र (बसना), ओंकार साहू (गरियाबंद), लोकनाथ आण्डे, भीषलाल साहू, भागचंद चतुर्वेदी, सहदेव बंजारे सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।



