रायपुर | बुधवार का दिन छत्तीसगढ़ के लिए इतिहास बन गया। राज्योत्सव 2025 के आखिरी दिन राजधानी नवा रायपुर का आसमान देशभक्ति, रोमांच और गौरव से भर उठा। सुबह से ही माहौल उत्सवमय था — सूरज कुछ ज्यादा चमकीला, हवा में जोश और लोगों में अद्भुत उत्साह था। ठीक 11:30 बजे जैसे ही आसमान में नौ हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स गड़गड़ाए, पूरा मैदान “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा।
भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने लगभग 40 मिनट तक अपने रोमांचक हवाई करतबों से देश के आत्मविश्वास और शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। विमानों ने जब आसमान में तिरंगे की आकृति बनाई, तब हजारों दर्शकों की आंखों में गर्व और उत्साह झलक उठा।
इस दौरान गरुड़ कमांडो टीम ने MI-17 हेलीकॉप्टर से पैराशूट के जरिए उतरकर तिरंगा फहराया। हर मूवमेंट, हर क्रॉसिंग, हर स्पिन में वायुसेना का अनुशासन, तकनीकी दक्षता और समर्पण झलकता दिखा। रायपुर से नवा रायपुर तक सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा — बच्चे, युवा, बुजुर्ग सब आसमान की ओर टकटकी लगाए खड़े थे।
ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने सूर्यकिरण टीम का नेतृत्व किया। उनके साथ स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के निवासी हैं, ने पांचवें क्रम के विमान को उड़ाया। गौरव ने कहा,
“अपने राज्य के आसमान में उड़ान भरना मेरे लिए गर्व की बात है। यह शो युवाओं को वायुसेना में शामिल होने की प्रेरणा देगा।”
फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने कमेंट्री की जिम्मेदारी निभाई, जिससे दर्शकों को हर फॉर्मेशन का रोमांचक अनुभव मिला।
सूर्यकिरण टीम ने ‘हार्ट इन द स्काई’, ‘एरोहेड’, और ‘बॉम्ब बर्स्ट’ जैसे फॉर्मेशन पेश किए, जबकि पैराट्रूपर्स ने हवा में अद्भुत कलाबाजियां दिखाईं। शो खत्म होने के बाद भी लोग देर तक वहीं खड़े रहे, जैसे किसी गौरवपूर्ण पल को अपनी आंखों में कैद कर लेना चाहते हों।
16 साल बाद छत्तीसगढ़ ने ऐसा एअर शो देखा — यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और समर्पण का जीवंत प्रतीक बन गया।
नवा रायपुर के आसमान ने उस दिन सचमुच भारत की ताकत और छत्तीसगढ़ के गर्व की उड़ान देखी।



