महासमुंद। जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन इससे पहले ही सहकारी समितियों के कर्मचारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं।
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति महासंघ रायपुर और समर्थन मूल्य धान खरीदी डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है।
इस आंदोलन में महासमुंद जिले की 700 समितियों के कर्मचारी और 182 डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
संघ की चार प्रमुख मांगें हैं —
धान खरीदी में 3 प्रतिशत सुखत को मान्यता दी जाए।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों की आउटसोर्सिंग भर्ती बंद की जाए।
मध्यप्रदेश की तर्ज पर समितियों को वेतन अनुदान दिया जाए।
वर्ष 2024-25 में सुखत को मान्य किया जाए।
इधर, प्रदेश सरकार ने किसानों से धान खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
खाद्य सचिव और राज्य स्तरीय अधिकारियों की टीम ने हाल ही में जिले की विभिन्न समितियों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया था।
प्रशासन ने संभावित हड़ताल को देखते हुए नए जूट बारदाने की अग्रिम व्यवस्था पहले ही करा रखी है ताकि खरीदी प्रक्रिया प्रभावित न हो।
संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू और कौशल साहू ने बताया कि सरकार को कई बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रीगणों को ज्ञापन भेजा गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।
उन्होंने कहा, “सरकार की नीतियाँ सहकारी समितियों की साख के खिलाफ हैं, इसलिए मजबूर होकर हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।”
लोहिया चौक में होगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन
महासमुंद जिले के करीब 700 कर्मचारी लोहिया चौक पर शांतिपूर्ण धरना देंगे।
जिलाध्यक्ष साहू ने बताया कि रायपुर में प्रदर्शन के लिए जगह न मिलने के कारण महासमुंद को आंदोलन स्थल बनाया गया है।
इसमें रायपुर जिले के सहकारी कर्मचारी भी शामिल होंगे।
प्रदेशभर में लगभग 16 हजार सहकारी समिति कर्मी और डाटा एंट्री ऑपरेटर इस आंदोलन में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।


