बसना(जीतयादव)।राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) रायपुर में कक्षा सातवीं की नवीन विज्ञान पाठ्यपुस्तक “जिज्ञासा” पर आधारित पांच दिवसीय सेवाकालीन आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) पर केंद्रित इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को गतिविधि, प्रयोग और नवाचारी तरीकों से पढ़ाने के लिए तैयार करना था।
SCERT में एनईपी 2020 पर केंद्रित प्रशिक्षण में महासमुंद जिले के चार शिक्षकों ने सीखे नवाचारी शिक्षण तरीके।
महासमुंद जिले से डाइट महासमुंद की व्याख्याता दुर्गा सिन्हा के नेतृत्व में राधेश्याम साहू, प्रेमचंद साव और भारती सोनी ने प्रशिक्षण में भाग लिया। इन शिक्षकों को कक्षा सातवीं के जिज्ञासा विषय के लिए जिला स्रोत व्यक्ति (डीआरजी) के रूप में प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे आगे अपने जिले में अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दे सकें।

यह प्रशिक्षण SCERT के संचालक ऋतुराज रघुवंशी और संयुक्त संचालक के. कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। उपसंचालक जेपी रथ, प्रशिक्षण समन्वयक पुष्पा चंद्रा और विशेष प्रशिक्षण समन्वयक केके शुक्ला के निर्देशन में राज्य स्रोत व्यक्ति (एसआरजी) अखिलेश मिश्र, डॉ. एस. चंद्राकर, गार्गी चौधरी, इंदु सोनकर, प्रतिभा त्रिपाठी, कविता, हुमा नाज, संगीता रनघाटी, टीसी जायसवाल और रामकुमार वर्मा ने प्रशिक्षण दिया।

SCERT में प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विज्ञान को रोचक और प्रयोग आधारित तरीके से पढ़ाने की जानकारी दी गई। इसमें ब्लूम टैक्सोनॉमी, समूह कार्य, रोल प्ले, प्रोजेक्ट, मॉडल निर्माण, शैक्षणिक भ्रमण, कहानी व नाटिका के माध्यम से पढ़ाने जैसे कई नवाचारी तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही शिक्षकों को हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, मूल्यांकन प्रणाली, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या और पंचमहाकोश की अवधारणा के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

महासमुंद जिले के शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन विषय पर रोल प्ले प्रस्तुत किया, जिसे काफी सराहना मिली। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस प्रशिक्षण में राज्य के 19 डाइट से कुल 76 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।



