पिथौरा(जीतयादव)।बसना विधायक डॉ. श्री संपत अग्रवाल सरस्वती शिशु मंदिर, सांकरा में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं मातृ सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों को भावविभोर कर दिया।
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Toggleमाताएं समाज की प्रथम शिक्षिका होती हैं, संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बनेगा सशक्त भारत – डॉ. संपत अग्रवाल।
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि माताएं समाज की प्रथम शिक्षिका होती हैं। बच्चे का पहला विद्यालय उसका घर होता है और मां उसकी पहली गुरु होती है। जब शिक्षा संस्कारों से जुड़ती है, तभी एक सशक्त, आत्मनिर्भर और नैतिक मूल्यों से युक्त पीढ़ी का निर्माण संभव हो पाता है।
सरस्वती शिशु मंदिर सांकरा में मातृ सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में अनुशासन, देशभक्ति, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी उतना ही आवश्यक है। डॉ. संपत अग्रवाल ने सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे विद्यालय भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और चरित्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति, आचार्यगण, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।





