सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान की जनसुनवाई अब नहीं होगी। यह जनसुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित थी, लेकिन ग्रामीणों के लगातार विरोध और विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट घेराव के बाद कलेक्टर ने मंगलवार को आदेश जारी कर इसे स्थगित कर दिया।
चूना पत्थर खदान की जनसुनवाई स्थगित, ग्रामीणों के विरोध के बाद कलेक्टर का फैसला।
मेसर्स ग्रीन सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राम लालाधुरवा, जोगनीपाली, कपिस्दा सरसरा और धौराभाठा में खदान प्रस्तावित की थी। कंपनी को 200.902 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रतिवर्ष 36.54 लाख टन चूना पत्थर खनन की पर्यावरणीय स्वीकृति भी मिल चुकी थी।

परियोजना के लिए लगभग 500 एकड़ कृषि भूमि का अधिग्रहण होना था। जैसे ही मुडिभाटा स्थित गौठान कपिस्दा में जनसुनवाई की सूचना मिली, ग्रामीण विरोध में उतर आए। किसानों और ग्रामीणों का कहना था कि खदान खुलने से उनकी उपजाऊ जमीन नष्ट हो जाएगी और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा।

विरोध धीरे-धीरे तेज होता गया और सोमवार को विधायक के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। आखिरकार प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए जनसुनवाई स्थगित करने का फैसला लिया।




