महासमुंद(जीतयादव) शालाओं में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में समग्र शिक्षा की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत नंदनवार ने की। बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के बीआरसीसी, बीआरपी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लक्ष्य महासमुंद अभियान के तहत मॉनिटरिंग और गतिविधि शिक्षा आधारित शिक्षण पर दिए गए निर्देश।
बैठक के दौरान सीईओ श्री नंदनवार ने प्रत्येक ब्लॉक में संकुल स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों की टीम गठित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार लाया जा सके। उन्होंने मेंटर शिक्षकों के चयन, छात्रों का अधिगम आधारित वर्गीकरण तथा संकुल समन्वयकों के दायित्व निर्धारण जैसे कार्य अप्रैल माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे “लक्ष्य महासमुंद” विशेष अभियान स्कूल खुलते ही शुरू किया जा सके।
उन्होंने सभी बीआरसीसी को गुणवत्तापूर्ण मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के साथ ही अपार आईडी एवं यू-डाइस डेटा का शत-प्रतिशत संधारण पूरा करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के समयबद्ध और गोपनीय मूल्यांकन पर जोर दिया।
जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने नवोदय चयन परीक्षा में सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों को बधाई देते हुए आगामी वर्षों में अधिक चयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने स्मार्ट क्लास के नियमित उपयोग की मॉनिटरिंग करने तथा तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में दिव्यांग विद्यार्थियों के चिन्हांकन एवं उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, साथ ही आगामी सत्र से कक्षा 1 से 8 तक गतिविधि आधारित शिक्षण को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।इस दौरान समग्र शिक्षा के एपीसी विद्या साहू, संपा बोस, सुबोध कुमार तिवारी सहित सरायपाली, बसना, पिथौरा, बागबाहरा एवं महासमुंद के बीआरसीसी, अकाउंटेंट, ऑपरेटर एवं स्पेशल एजुकेटर्स उपस्थित रहे।



