बसना।रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में विशेष इतिहास लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, संस्कृति एवं परंपराओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। बच्चों ने अपने-अपने तरीके से छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक गाथाओं को कागज़ पर उतारकर प्रदेश की महान विभूतियों का स्मरण किया। इतिहास लेखन के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह बताया कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, बल्कि यहाँ की वीर गाथाएँ, लोक परंपराएँ और संस्कृति पूरे देश में अद्वितीय स्थान रखती हैं।
रजत जयंती वर्ष 2025 विद्यालय परिसर में चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
रजत जयंती के अवसर पर विद्यालय परिसर में चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बच्चों ने रंगों के माध्यम से छत्तीसगढ़ महतारी का सुंदर चित्र बनाया, जिसमें उनकी मातृभूमि के प्रति गहरी श्रद्धा दिखाई दी। साथ ही विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की धरोहरों जैसे सिरपुर के अवशेष, खल्लारी माता, डोंगरगढ़, राजिम तथा लोक कला-नृत्य पंथी और राऊत नाचा को अपने चित्रों में सजीव किया। रंग-बिरंगे चित्रों के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि अपनी संस्कृति और धरोहरों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
प्रधान पाठक श्री सरविन्द सिदार का विशेष योगदान
कार्यक्रम के दौरान प्रधान पाठक श्री सरविन्द सिदार ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इतिहास और धरोहर हमारी असली पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। शिक्षक लगन नाग शिक्षिका खीरवंती भोई ने भी बच्चों की मेहनत की सराहना की।

अंत में विजयी बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। रजत जयंती के अवसर पर बच्चों में इतिहास के प्रति रुचि जाग्रत हुई और अपनी संस्कृति व धरोहरों को संजोने का संकल्प भी प्रबल हुआ।





