फर्जी अनुकंपा नियुक्ति का मामला : प्रेमसागर चौहान ने लगाई जांच की गुहार, प्रधानपाठक पर लगाया गंभीर आरोप
सरायपाली। विकासखंड सरायपाली के ग्राम पंचायत नूनपानी चकरदा निवासी प्रेमसागर चौहान ने शिक्षा विभाग में फर्जी अनुकंपा नियुक्ति का गंभीर मामला उठाया है। प्रेमसागर ने आरोप लगाया है कि शासकीय प्राथमिक शाला गौरटेक के प्रधानपाठक संतलाल मुखर्जी ने उनके पिता स्व. कन्हैयालाल चौहान की मृत्यु के बाद अनियमित तरीके से अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त की, जबकि उनका परिवार से कोई संबंध नहीं था।
प्रेमसागर ने बताया कि उनके पिता की 1991 में सेवा अवधि के दौरान मृत्यु हो गई थी, उस समय वह मात्र दो वर्ष के थे और मां भी उन्हें छोड़कर चली गईं। उनका पालन-पोषण दादी करमायत बाई ने किया। वर्ष 1995 के आसपास दादी को जानकारी मिली कि कन्हैयालाल चौहान के नाम पर किसी बाहरी व्यक्ति संतलाल मुखर्जी को नौकरी दे दी गई है।
दादी ने उस समय कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब लगभग तीन दशक बाद प्रेमसागर चौहान ने स्वयं कलेक्टर महासमुंद को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि संतलाल मुखर्जी की नियुक्ति की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि यह फर्जी साबित होती है तो उन्हें तत्काल बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा वेतन व लाभ की रिकवरी की जाए।
प्रेमसागर ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की फर्जी नियुक्तियों पर रोक लग सके।



