बसना : हिंदी दिवस पर महेंद्र पसायत की काव्य रचनाओं पर शोधपरक संवाद
प्रेमचंद साव ने किया विश्लेषण, साहित्य में जनभाषा और राष्ट्रप्रेम की महत्ता बताई
बसना। श्री मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ उज्जैन की प्रादेशिक शाखा छत्तीसगढ़ और एमडी एजुकेशन सोसायटी सरायपाली के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस के अवसर पर रचनाकार महेंद्र पसायत की काव्य रचनाओं पर शोधपरक पारस्परिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल के शिक्षक व साहित्यकार प्रेमचंद साव ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार रखे। उन्होंने कहा कि पसायत की रचनाओं में जनभाषा का प्रभाव स्पष्ट झलकता है, जिसके माध्यम से जनजागरण की दिशा में विराट संदेश दिए जाते हैं। उनकी काव्य रचनाएँ मातृभूमि के प्रति प्रेम, सम्मान और राष्ट्रहित के भावों से परिपूर्ण हैं।
रचनाओं में राष्ट्रहित की प्रेरणा
साव ने समीक्षा करते हुए कहा कि पसायत की लेखनी देश को जोड़ने वाले, विकास व आत्मनिर्भरता की राह दिखाने वाले, और राष्ट्र की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले विचारों को सरलता से प्रस्तुत करती है। उनकी कविताएँ आम जनमानस को देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती हैं।
सम्मान और सहभागिता
इस अवसर पर मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ और एमडी मेमोरियल सोसायटी की ओर से प्रेमचंद साव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त वरिष्ठ हिंदी अधिकारी, भारत सरकार चेन्नई डॉ. पीआर वासुदेवन शेष वर्चुअल मुख्य अतिथि के रूप में जुड़े।
साथ ही डॉ. शुभ्रा डड़सेना, मनोज प्रधान, मुकेश चौधरी, डॉ. कमल यादव सहित अन्य साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।



