महासमुंद। खरीफ सीजन 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। इसके लिए जिले के 182 खरीदी केंद्रों में तैयारियां तेज़ी से जारी हैं। प्रशासन ने सभी समितियों को केंद्रों की साफ-सफाई, तौल कांटा, बारदाना और परिवहन व्यवस्था जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
इस बार नए किसानों के पंजीयन और रकबा संशोधन का कार्य अंतिम चरण में है। जिले में कुल 1 लाख 62 हजार किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 1 लाख 29 हजार 649 किसानों का डाटा कैरी फारवर्ड किया जा चुका है, जबकि 32 हजार 351 किसानों का डाटा अभी शेष है।
वहीं इस वर्ष 2,030 नए किसानों ने पंजीकरण कराया है। केवल पंजीकृत किसान ही धान बेचने के पात्र होंगे, बिना पंजीयन वाले किसानों को खरीदी केंद्रों में धान बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब तक 35 से अधिक किसानों का पंजीयन निरस्त भी किया गया है।
धान खरीदी की प्रक्रिया को लेकर समितियों और जिला सहकारी बैंक में किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। अधिकारी किसानों को समय पर एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की अपील कर रहे हैं। जिले में अब तक पंजीकृत 1.62 लाख किसानों में से 6,809 किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन शेष है।
पिछले वर्ष 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1 लाख 53 हजार 244 किसानों से 110 लाख क्विंटल धान खरीदा गया था, जबकि वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 112 लाख क्विंटल तक पहुंचा था।
नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया कि धान खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अभी आधिकारिक तिथि की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सभी समितियों को 15 नवंबर से पहले तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, खेतों में अर्ली वैरायटी की धान की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। किसानों का कहना है कि इस बार फसल में रोग और कीटों के कारण लागत कुछ बढ़ी है, हालांकि “माई” वैरायटी की धान अब पूरी तरह पककर तैयार है। दीपावली के बाद से कटाई की रफ्तार भी तेज़ हो गई है।
31 अक्टूबर तक किसानों को नया पंजीयन और रकबा संशोधन पूरा करने का अवसर मिलेगा। किसान एग्रीस्टेक पोर्टल, च्वाइस सेंटर और समितियों के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।



