महासमुंद(जीतयादव)। जिले के बागबाहरा, पिथौरा एवं बसना विकासखंड अंतर्गत संचालित अधिकांश धान खरीदी केंद्रों (मंडियों) में धान की खरीदी तो सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन धान के उठाव (लिफ्टिंग) की प्रक्रिया समय पर नहीं होने के कारण मंडी प्रभारियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
धान खरीदी जारी, लेकिन उठाव ठप होने से बढ़ी परेशानी
मंडी प्रभारियों का कहना है कि खरीदी तेजी से हो रही है, परंतु उठाव नहीं होने से मंडियों में जगह की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। धान का भंडारण खुले में करना पड़ रहा है, जिससे डो (DO) काटने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डो नहीं कटने की स्थिति में धान के उठाव की प्रक्रिया और अधिक प्रभावित हो रही है, जिससे मंडियों पर अतिरिक्त दबाव बनता जा रहा है।

प्रभारियों के अनुसार, मंडियों में पहले से ही सीमित स्थान उपलब्ध है। लगातार धान की आवक होने से ढेर बढ़ते जा रहे हैं और नए किसानों का धान रखने की जगह नहीं बच रही है। यदि इसी दौरान बारिश होती है, तो धान के खराब होने की आशंका भी बनी हुई है, क्योंकि अधिकांश मंडियों में धान को ढकने के लिए पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था नहीं है।

मंडी प्रभारियों ने बताया कि धान उठाव की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को लगातार अवगत कराया जा रहा है, बावजूद इसके अब तक उठाव की प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं हो पाया है। उठाव में हो रही देरी से न केवल मंडी प्रबंधन प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसानों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

मंडी प्रभारियों ने प्रशासन से शीघ्र धान उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने, डो काटने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा पर्याप्त तिरपाल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मंडियों में व्यवस्था बनी रहे और किसानों की उपज सुरक्षित रह सके।



