महासमुंद(जीतयादव)।राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत महासमुंद के डी.एड. कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए यातायात जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलने वाले सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित किया गया है। इस अवसर पर डी.एड. के लगभग 150 छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों से संबंधित पाम्फलेट वितरित किए गए और उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा 2026 के तहत 150 प्रशिक्षणार्थी छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों की दी गई जानकारी।
कार्यक्रम में सहायक उप निरीक्षक झूमुक लाल हिरवानी ने छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। परिवहन विभाग के रामभरोसा निर्मलकर ने वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस, परमिट और प्रदूषण प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के साथ हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना, तेज गति से वाहन चलाना और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के दुष्परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

इसके अलावा, यातायात विभाग के आरक्षक हरीश चंद्राकर ने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय और दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से यह स्पष्ट किया कि बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर माता-पिता को कानूनी कार्रवाई, जुर्माना या जेल का सामना करना पड़ सकता है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में डी.एड. कॉलेज के प्राचार्य श्री अरुण प्रधान और उप प्राचार्य श्रीमती उमा देवी ने छात्रों, शिक्षकों और वाहन चालकों को अलग-अलग स्तर पर मार्गदर्शन दिया और उनके सभी सवालों का समाधान किया। छात्रों को सड़क पार करते समय सावधानी बरतने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला में यातायात पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। इस कार्यशाला का मुख्य संदेश था:
“सड़क सुरक्षा नियमों का पालन ही जीवन की सच्ची सुरक्षा है।”



