महासमुंद।अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत मितानिन कार्यकर्ता एक बार फिर चर्चा में हैं। मंगलवार को महासमुंद जिले में तब हंगामा हो गया जब नवा रायपुर धरना स्थल जा रही मितानिनों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। इस कार्रवाई से नाराज़ कार्यकर्ता सड़क पर उतर आईं और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर चक्काजाम कर दिया। करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
महासमुंद में मितानिन कार्यकर्ताओं का हंगामा, हाईवे पर 4 घंटे तक चक्काजाम।
जानकारी के अनुसार, जिले से लगभग 2200 मितानिन कार्यकर्ता नवा रायपुर के तूता में आयोजित प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बसों और अन्य वाहनों से रवाना हुई थीं। लेकिन पटेवा थाना इलाके में पुलिस ने उनके वाहनों को रोक दिया।वाहन रोकने की कार्रवाई से नाराज़ होकर मितानिन कार्यकर्ता सीधे सड़क पर उतर गईं। महिलाओं ने वाहनों के सामने खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
महिलाओं ने जताया आक्रोश
मितानिन कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में उन्हें रायपुर नहीं जाने दे रही है, ताकि उनकी आवाज़ राजधानी तक न पहुँच सके। उनका कहना था कि वे कई दिनों से आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है।
ये हैं मितानिनों की प्रमुख माँगें
मितानिन कार्यकर्ता 29 जुलाई से लगातार आंदोलन पर हैं। उनकी प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं—
भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र 2023 में किए गए वादे के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविलियन।
मानदेय और वेतन में 50 प्रतिशत की वृद्धि।
स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा की समाप्ति।
मितानिनों का कहना है कि वे ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें उनके काम के अनुरूप मान-सम्मान और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।
पुलिस की सफाई
मामले पर एडिशनल एसपी प्रतिभा पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य किसी को रोकना नहीं था। उन्होंने बताया कि वाहनों में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही थी।उन्होंने कहा, “हमने केवल सुरक्षा कारणों से वाहनों की जांच की थी। किसी को आंदोलन में शामिल होने से रोकने का इरादा नहीं था। समझाइश के बाद महिलाएँ शांत हुईं और यातायात बहाल कर दिया गया।”
यातायात 4 घंटे रहा बाधित
चक्काजाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। बस और ट्रक चालक घंटों जाम में फंसे रहे। यात्रियों को धूप में खड़ा रहना पड़ा और कई को अपने गंतव्य तक पहुँचने में देरी हुई।पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद आखिरकार महिलाएँ सड़क से हट गईं। इसके बाद धीरे-धीरे जाम खुला और यातायात सामान्य हो पाया।
सवाल अब भी कायम
हालांकि पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा कारणों से की गई कार्रवाई बताया, लेकिन मितानिन कार्यकर्ता इसे सरकार की नीतियों से जोड़कर देख रही हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी माँगों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।






