बसना थाना परिसर में बुधवार को शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, व्यापारी वर्ग और नगर के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दो बड़े पर्वों – 5 सितंबर को ईद मिलादुन्नबी और 6 सितंबर को गणेश विसर्जन – को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराना रहा।
बैठक की शुरुआत थाना प्रभारी ने की। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि बसना नगर की पहचान हमेशा से आपसी भाईचारे और सौहार्द की रही है। यहां के लोग हर धर्म और समुदाय के त्योहारों को मिल-जुलकर मनाते आए हैं। आने वाले दिनों में दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, इसलिए सभी का कर्तव्य है कि इस परंपरा को बनाए रखें और नगर की गंगा-जमुनी तहज़ीब को और मज़बूत करें।
अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी कि ईद मिलादुन्नबी और गणेश विसर्जन दोनों पर्वों में नगर की गलियों और मुख्य मार्गों पर भीड़भाड़ स्वाभाविक है। ऐसे में सभी धर्मावलंबियों और नागरिकों से अपील की गई कि वे संयम और धैर्य बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। बैठक में कहा गया कि प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार मुस्तैद रहेगी, लेकिन समाज के सहयोग के बिना किसी भी व्यवस्था को सफल बनाना संभव नहीं है।
यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि पर्वों के दौरान नगर की सड़कों पर जुलूस निकलते हैं और विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस कारण आवागमन बाधित हो सकता है। इसलिए आवश्यक है कि लोग यातायात नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग दें। व्यापारी वर्ग से अपेक्षा की गई कि वे अपने प्रतिष्ठानों के सामने अतिक्रमण न करें और जुलूस के मार्ग को सुगम बनाने में योगदान दें।
यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पर्व के अवसर पर कई जगहों पर बैरिकेडिंग की जाएगी और ट्रैफिक को डायवर्ट भी किया जा सकता है। इस दौरान वाहन चालकों से अनुरोध किया गया कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और धैर्यपूर्वक यातायात नियमों का पालन करें।

सौहार्द्र और आपसी सहयोग पर बल
बैठक में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी नगर की असली पहचान वहां की एकता और भाईचारा होता है। पर्व तभी सफल माने जाते हैं जब उनमें हर वर्ग की भागीदारी और सहयोग हो। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से आश्वासन दिया कि वे समाज के हर तबके तक यह संदेश पहुंचाएंगे कि पर्वों को मिल-जुलकर, शांति और सद्भाव के वातावरण में मनाया जाए।
अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया कि यदि कहीं भी कोई समस्या उत्पन्न होती है या कोई अफवाह फैलती है, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

व्यापारी वर्ग की भूमिका
बैठक में व्यापारी वर्ग की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पर्व के अवसर पर बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में जरूरी है कि व्यापारी वर्ग सहयोग की भावना दिखाए और दुकानों के आसपास अनावश्यक अतिक्रमण न करें। नगर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने पर भी ध्यान देने को कहा गया।
व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे पूरी तरह से सहयोग करेंगे और किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न नहीं होने देंगे।




