बसना(जीतयादव)।शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंकोरी में विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में व्यवहार न्यायाधीश बसना, आदरणीय श्री मंजीत जांगड़े विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विधिक जागरूकता पर जोर, छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख।
शिविर को संबोधित करते हुए श्री जांगड़े ने छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान में निहित कानूनों, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में सरल और व्यवहारिक भाषा में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून केवल दंड देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता, न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे मजबूत आधार है। प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों को भी समझे और उनका पालन करे।

उन्होंने विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता का महत्व बताते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं का कानून की बुनियादी जानकारी से परिचित होना बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ सही तरीके से आवाज उठा सकें और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकें।
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इस अवसर पर संस्था प्राचार्य श्री यज्ञराम सिदार ने अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होते हैं और उन्हें जीवन में सही निर्णय लेने की दिशा दिखाते हैं। उन्होंने विद्यालय में समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता श्री संतलाल डड़सेना, श्री उमाशंकर भोई, श्री मधुमंगल बारीक, श्री हीराधर राणा, श्री जगतारण जांगड़े, श्री विजय कुमार कौशिक, श्री जयंत वर्मा, श्री आकाश डड़सेना, श्रीमती नीलिमा साहू एवं श्री आशीष त्रिपाठी सहित समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक ज्ञान, सामाजिक जिम्मेदारी एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, जिससे वे भविष्य में एक सजग और कानून का सम्मान करने वाले नागरिक बन सकें।




