बेलसोंडा स्थित शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज में श्रम कानून उल्लंघन उजागर, प्रबंधन और ठेकेदार को नोटिस जारी
महासमुंद। जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम ने शुक्रवार को शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ग्राम बेलसोंडा का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रम कानूनों से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। टीम ने श्रम विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर कंपनी परिसर का गहन निरीक्षण किया।
श्रम कानूनों का उल्लंघन
निरीक्षण में पाया गया कि प्रबंधन और ठेकेदारों द्वारा कार्यस्थल पर न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 तथा अन्तरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है।
कंपनी परिसर में आवश्यक सूचनाओं का प्रदर्शन नहीं पाया गया।
वर्करों से ओवरटाइम कार्य लिया जा रहा था, लेकिन उसका कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया।
अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अंतर्गत पंजीकरण और अन्य रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराए गए।
बाल व किशोर श्रम अधिनियम 1986 (संशोधन 2016) के तहत अनिवार्य सूचनाएं भी परिसर में प्रदर्शित नहीं की गईं।
इन सभी मामलों में प्रबंधन और ठेकेदार से जवाब तलब करते हुए नोटिस जारी किया गया है।
अन्य विभागों की जांच
निरीक्षण के दौरान पर्यावरण विभाग द्वारा की गई जांच में कंपनी परिसर की स्थितियां सामान्य पाई गईं।
खनिज विभाग, परिवहन विभाग और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की जांच में भी कोई अनियमितता दर्ज नहीं हुई।
निरीक्षण टीम में रहे अधिकारी
संयुक्त टीम में शामिल अधिकारियों में —
शशिकांत सिंह, प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र
डीएन पात्र, श्रम पदाधिकारी
राम कुमार ध्रुव, जिला परिवहन अधिकारी
जितेंद्र कुमार, जूनियर साइंटिस्ट, पर्यावरण विभाग
इंद्र प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
क्या होगा आगे?
श्रम विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनी और ठेकेदार नियमानुसार दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते और आवश्यक सुधारात्मक कदम नहीं उठाते, तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।


