पिथौरा(जीतयादव)। देवरी राज सोनाखान अंतर्गत ग्राम छतवन में गोंडी संस्कृति, परंपरा एवं धार्मिक आस्थाओं को संरक्षित और संजोने के उद्देश्य से ईशर गवरा महोत्सव का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। महोत्सव में गोंडी समाज की प्राचीन नेंग-जोंग परंपरा के अनुसार ईशर राजा बारात लेकर गवरा माता के घर बाजे-गाजे के साथ नाचते-गाते पहुंचे।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला, पुरुष, युवक एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया। इसके पश्चात पंडा पूजारी तिरूमाल सुदर्शन सिंह ठाकुर द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई।
समाज के वरिष्ठ जन व पदाधिकारी रहे उपस्थित
महोत्सव के मुख्य अतिथि नोहर सिंह नेताम (महामंत्री, गोंड समाज देवरीराज) रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पुष्पा देवी मार्को (अध्यक्ष, महिला प्रभाग), नैन सिंह नेताम (कोषाध्यक्ष, छतवन), प्रवीण नेताम (समाज प्रमुख), भारतिका सिदार (जिला सचिव, गोंडी धर्म संरक्षण समिति) एवं दुकालु प्रसाद जगत (संगठन सचिव, गोंडवाना संघ) उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन दीपक जगत (जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ महासमुंद) ने किया।इस अवसर पर सुनेश नेताम (अध्यक्ष, गोंडी धर्म संरक्षण समिति कसडोल), चंद्रलोचन (संरक्षक), पुखराज जगत (अध्यक्ष, गोंडवाना संघ कसडोल), विक्रम मरई (उपाध्यक्ष), भीम सिंह नेताम (समाज प्रमुख छतवन), रितेश नेताम, उत्तम नेताम, डुलामणी सिदार, भारत नेताम, निमंकर जगत, विजय नेताम, देवी सिंह मांझी, कुंजल जगत, मोहित जगत सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

महिला एवं युवा प्रभाग से खिलवती ठाकुर, विलासिनी सिदार, कमला ठाकुर, आरती ठाकुर, कामना पोर्ते, नियम बाई ठाकुर, प्रेम बाई सिदार, सुशिला नेताम सहित सगा समाज एवं ग्रामवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में जय ईशर गवरा नृत्य दल, सिल्वा भांटापारा का विशेष सहयोग रहा, जिसने पारंपरिक नृत्य-गीतों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ईशर राजा की भव्य बारात के साथ गोंडी नेंग-जोंग परंपरा निभाई गई, गांव बना भक्तिमय
अगले दिन प्रातःकाल धार्मिक विधि-विधान के साथ ईशर राजा एवं गवरा माता को सरोवर में स्नान कराया गया। इसके पश्चात पारंपरिक नृत्य, गीत एवं पूजा-अर्चना संपन्न हुई। पूरे गांव में भक्तिमय एवं सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला।यह आयोजन गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति एवं ग्राम पंचायत छतवन के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें फिरतिन रितेश नेताम सहित ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को गोंडी संस्कृति, परंपरा एवं मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।





