पिथौरा । वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने सोमवार को भक्तिन बांध अमरूवा, बांस प्रसंस्करण केंद्र अमरूवा तथा झरिया बांध गोलाझर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं और स्थानीय स्तर पर रोजगारमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
वनमंडलाधिकारी ने संबंधित वन प्रबंधन समिति सदस्यों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक एवं सामुदायिक संसाधनों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल आजीविका और इको-टूरिज्म आधारित योजनाओं को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल स्थानीय समुदायों की आयवृद्धि होगी, बल्कि संसाधनों का सतत उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा।

अमरूवा में उन्होंने स्व-सहायता समूहों को मछली पालन, मुर्गी पालन जैसी गतिविधियाँ वन समितियों के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही भक्तिन बांध अमरूवा और झरिया बांध गोलाझर को पर्यटन दृष्टि से विकसित करने के लिए नेचर ट्रेल, बर्ड वॉचिंग पॉइंट, सामुदायिक विश्राम स्थल एवं स्थानीय उत्पाद बिक्री केंद्र स्थापित करने जैसे सुझाव भी दिए।
निरीक्षण के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी देवपुर संतोष कुमार पैकरा ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध संसाधन और वर्तमान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर वनकर्मी, वन समिति सदस्य एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



