बसना (जीतयादव)।भगत देवरी मंडल अंतर्गत ग्राम ढाबाखार में सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठजनों की सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में थानेश्वर मंदिर पिथौरा के मुख्य पुजारी श्री कृष्ण कुमार शर्मा, विशिष्ट अतिथि के रूप में सुश्री जयंती नायक (महिला प्रकोष्ठ प्रमुख, गायत्री परिवार सांकरा) तथा मुख्य वक्ता के रूप में श्री आदित्य रंजन कानूनगो (राजिम विभाग महाविद्यालयीन कार्य प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम ढाबाखार के ग्राम प्रमुख श्री अशोक कानूनगो ने की, वहीं विशेष अतिथि के रूप में ग्राम के युवा सरपंच श्री चन्द्रमणी सिदार मंचस्थ रहे।
मंच पर ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों में श्री वासुदेव साहू, श्री मधुसूदन भोई, श्री अनूप कानूनगो, श्री सुशील कानूनगो, श्री तेजराम साय, श्री सुकदेव साहू, श्री किशोर कानूनगो, बसना से आए श्री रमेश कर, श्री दयामणी सिदार, श्री चंद्रशेखर नाग, पिथौरा से आए श्री प्रेमसागर साहू, श्री गोकुलानंद प्रधान, श्री पद्मन लाल चौधरी, श्री गणेश राम साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं प्रभु श्री रामचंद्र जी के तैल चित्र के पूजन के साथ किया गया, जिसे मुख्य अतिथि श्री कृष्ण कुमार शर्मा जी ने संपन्न कराया।पूजन के पश्चात सुश्री जयंती नायक ने पंच परिवर्तन विषय पर विचार रखते हुए सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर प्रकाश डाला।

श्री कृष्ण कुमार शर्मा ने हिंदुत्व की महत्ता और सनातन परंपराओं पर अपने विचार साझा किए, वहीं मुख्य वक्ता श्री आदित्य रंजन कानूनगो ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उद्देश्य, कार्यशैली और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर भगत देवरी से आए भैया-बहनों द्वारा स्वागत नृत्य, सुआ नृत्य एवं नृत्य नाटिका की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें देखकर उपस्थित समस्त सनातनी बंधु-भगिनी भावविभोर हो उठे।

अंत में भारत माता एवं प्रभु श्री रामचंद्र जी की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आरती पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री गोपनाथ साहू, श्री राजेश साहू, श्री प्रवीण साहू, श्री उत्तर साय, श्री लोकेश्वर सिदार, श्री अजय साहू, श्री कमल साहू (भजपुरी), आयुष साहू, आदित्य साहू एवं जिगर कैवर्त्य का विशेष योगदान रहा।




