सरायपाली(जीतयादव)।हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं राष्ट्रहित में सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मंडलों में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इन सम्मेलनों में समाजसेवी, संत समाज, धर्माचार्य, बुद्धिजीवी वर्ग, समाज प्रमुख, युवाशक्ति, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
हिंदू सम्मेलन विभिन्न मंडलों में आयोजन
बलौदा मंडल के ग्राम टेमरी में 25 दिसंबर 2025 को आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री आशीष गौरचरण मिश्र जी (कथा वाचक), मुख्य वक्ता श्री युधिष्ठिर साहू जी (माननीय सह खंड संघचालक) तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती अनिता चौधरी जी (जिला संयोजिका, मातृशक्ति) उपस्थित रहीं।

बिरकोल मंडल में हिंदू सम्मेलन 27 दिसंबर 2025 को हुए सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री अखिलेशानंद जी (दिव्य ज्योति जागृति संस्थान), मातृशक्ति डॉ. संध्या भोई जी (प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय सरायपाली) तथा मुख्य वक्ता श्री शरद प्रधान जी (जिला किसान कार्य प्रमुख) ने अपने विचार रखे।
ग्राम नानकपाली में 26 दिसंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री ठाकुर राम जी (विभाग प्रचारक, राजिम), मातृशक्ति श्रीमती सब्या पटेल जी (प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय) एवं संत समाज से श्री आशीष गौरचरण मिश्र जी की उपस्थिति रही।केदुवां मंडल के ग्राम जलपुर में 28 दिसंबर 2025 को सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता श्री दयामणि सिदार जी (विभाग कार्यवाह, राजिम), मातृशक्ति डॉ. संध्या भोई जी एवं संत समाज से श्री आशीष गौरचरण मिश्र जी शामिल हुए।

वहीं तोरेसिंहा मंडल के ग्राम सेमलिया में हिंदू सम्मेलन 29 दिसंबर 2025 को आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्रीमती सरला कोसरिया जी (सदस्य, राज्य महिला आयोग एवं समाजसेवी), विशिष्ट अतिथि श्री ऋषिराज आर्य जी (संचालक, स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल कटंगपाली) तथा मुख्य वक्ता श्री किशोर कुमार रथ जी (खंड सामाजिक सद्भाव प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरायपाली) उपस्थित रहे।
वैदिक विधि से शुभारंभ, राष्ट्र और समाज पर मंथन
सभी हिंदू सम्मेलनों का शुभारंभ मां भारती भारत माता के तैलचित्र पर वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में हिंदू संस्कृति की गौरवशाली परंपरा, सामाजिक समरसता, ऐतिहासिक विरासत, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ताओं ने कहा कि हिंदू समाज की एकता, आपसी सहयोग और संगठन शक्ति से ही सामाजिक चुनौतियों का समाधान संभव है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने, शिक्षा व संस्कारों को प्राथमिकता देने तथा संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
पंच परिवर्तन पर विशेष जोर
हिंदू सम्मेलनों में पंच परिवर्तन—स्वदेशी भाव का जागरण, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन एवं नागरिक कर्तव्यों—पर विशेष रूप से विचार व्यक्त किए गए। उपस्थित जनसमूह को इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बना उत्साहपूर्ण वातावरण
हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। भारतीय इतिहास की वीर गाथाओं और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार किया गया।
उत्कृष्ट व्यवस्थाएं, स्वयंसेवकों की सराहनीय भूमिका
आयोजन समिति द्वारा अनुशासन एवं व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक बैठने की व्यवस्था, पेयजल सुविधा एवं सुचारू प्रसाद वितरण की उत्तम व्यवस्थाएं की गईं। स्वयंसेवकों ने पार्किंग, मार्गदर्शन एवं स्वच्छता जैसे कार्यों को कुशलतापूर्वक संभाला।
समापन पर लिया गया संकल्प
हिंदू सम्मेलन के समापन अवसर पर आयोजन समिति ने सभी सामाजिक-धार्मिक संगठनों, संत समाज एवं सहयोगी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप देने तथा राष्ट्रहित व समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।




