बसना। कैबिनेट सचिवालय एवं जल शक्ति, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रसारित स्वच्छता पखवाड़ा कैलेंडर-2025 के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल में 16 से 30 सितंबर तक स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अभियान का संचालन इको क्लब प्रभारी शिक्षक प्रेमचंद साव के नेतृत्व में हो रहा है।
अरेकेल शाला में स्वच्छता पखवाड़ा, बच्चों ने लिया जल संरक्षण और स्वच्छता का संकल्प।
पखवाड़े के प्रमुख आयोजन
प्रथम दिवस: विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छता शपथ लेकर स्वच्छता पर अपने विचार साझा किए।
द्वितीय दिवस: स्वच्छता जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान हाथ धोने, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर परिचर्चा हुई।
तृतीय दिवस: ग्रीन स्कूल ड्राइव दिवस पर “पानी बचाओ, सिंगल यूज़ प्लास्टिक हटाओ” जैसे विषयों पर नारा लेखन और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने प्रतिदिन कम से कम एक लीटर पानी बचाने का संकल्प लिया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने समुदाय में जाकर शौचालय उपयोग, कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण के महत्व पर जागरूकता फैलाई।

स्वच्छता और व्यक्तिगत आदतें
शिक्षक प्रेमचंद साव ने बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका सिखाया और यह बताया कि हाथ धोने के पानी का उपयोग विद्यालय उद्यान के लिए किया जा सकता है। साथ ही बच्चों को दाँत साफ करना, नाखून काटना, नियमित स्नान, साफ कपड़े पहनना और खुले में न थूकना जैसी स्वच्छता आदतों का महत्व भी समझाया गया।

वर्षा जल संचयन पर विशेष जानकारी
इको क्लब प्रभारी शिक्षक प्रेमचंद साव ने वर्षा जल संचयन की तकनीक को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि छतों या अन्य सतहों से वर्षा का पानी इकट्ठा करके नालियों, फिल्टर और भंडारण टैंक में जमा किया जा सकता है। इससे जल संकट कम करने, भूजल स्तर बढ़ाने और बाढ़ व कटाव रोकने में मदद मिलती है।
उपस्थित शिक्षकगण
स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अवसर पर बाल कैबिनेट प्रभारी शिक्षक, प्रधान पाठक रत्ना कर, रेखा पाण्डेय, राजकुमार निषाद, आसमा परविन, सरिता सिदार सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।



