सरायपाली(जीतयादव)।मनकी में गोंडवाना गोंड महासभा एवं गोंड जनजातीय समाज द्वारा गोंडी धर्म-संस्कृति और परंपरागत प्रकृति पूजन के अंतर्गत एक प्रेरणादायक सामाजिक संकल्प लिया गया। समाज ने अपने आराध्यदेव भगवान बुढ़ादेव, ईशर गौरा एवं अन्य कुलदेवताओं के नाम प्रतिदिन दो मुट्ठी चावल और एक रुपया समाजहित में दान देने का निर्णय सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
गोंडी धर्म-संस्कृति के संरक्षण एवं समाज विकास हेतु गोंड समाज ने लिया सामूहिक सेवा और दान का संकल्प।
इस अवसर पर गोंडी धर्म परंपरा के अनुसार ग्राम में विराजित प्रमुख देवताओं – बुढ़ादेव, आदिशक्ति माता, ठाकुरदेव, माता अन्नपूर्णा भातपोरसी दाई, ईसरदेव गौरा राजा, माता गौरी रानी, माता मनकीहिन डोकरी, माता खंभेश्वरी, पाटदेव, दुल्हादेव एवं माता दुल्हीदाई के नाम पूजा-अर्चना की गई। गोंड बइगा-भुमका एवं पंडा पुजारियों द्वारा कोया पुनेम पंडुम के तहत पूजा-पाठ संपन्न कराया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व बइगा भुमका त्रिभुवन सिंह सिदार (संयोजक), इंदर सिंह सिदार, युधिष्ठिर सिदार, उदय सिंह सिदार, विरेन्द्र सिदार गौंटिया, राजेन्द्र सिंह सिदार एवं कैलाश सिदार भूमका ने किया। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना छत्तीसगढ़ प्रदेश के मार्गदर्शन में गांव के प्रत्येक गोंड परिवार को अन्नपूर्णा कलश पात्र वितरित किए गए।
टोली द्वारा घर-घर भ्रमण कर माता सेवा जसगीत, मांदर-झांझ-मंजीरा, शंख मंगल ध्वनि एवं बुढ़ादेव जयकारों के साथ ग्रामीणों ने पुष्पहार, श्रीफल, चावल एवं अर्थदान कर भव्य स्वागत किया। संध्या को सामाजिक सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ।

इस धार्मिक-सामाजिक आयोजन के संरक्षक उद्धव सिंह जगत, संयोजक त्रिभुवन सिंह सिदार, सूत्रधार एवं सलाहकार राजेन्द्र सिंह सिदार, सचिव एवं कोषाध्यक्ष दुर्गा सिंह नेताम रहे। समाज सदस्यगण भूपेन्द्र सिंह नेताम, घसिया दीवान, बिरेन्द्र सिदार, पोहित सिदार, रबि सिंह सिदार, मकरध्वज सिदार, महेन्द्र सिदार, चमरा सिदार, खगेश्वर सिदार, सोहित सिदार, सुकलाल नाग, गोकुल जगत, अर्जुन सिदार, जगदीश सिदार, खूबसिंह नाग, चतुर्भुज सिदार, सुशील सिदार, जगन्नाथ मांझी, प्रवीण नेताम, भावेश सिदार, विश्वनाथ सिदार, देवव्रत सिदार, ओम गणपति सिदार, जीवनलाल सिदार, धरम सिदार, जागेश्वर सिदार, कमल सिदार, रूपेश सिदार, निलेन्द्र सिदार, लोकेश सिदार, भजन सिदार, देवेश सिदार।
तथा मातृशक्तियों में सनवाबाई सिदार, शीतलमोती नेताम, दीपकुमारी सिदार, सादमोती सिदार, सोहद्रा सिदार, मीनाक्षीरमा सिदार, धनमोती सिदार, नंदिनी सिदार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय योगदान दिया।यह संकल्प समाज में व्यसनमुक्ति, सेवा भावना, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।




