रायपुर। राजधानी की सड़कों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। घड़ी चौक से शंकर नगर तक बने गौरवपथ की तर्ज पर अब बिजली ऑफिस चौक, बूढ़ापारा से पचपेड़ी नाका तक गौरवपथ-2 तैयार किया जा रहा है। नगर निगम ने इस परियोजना की नापजोख और डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर ली है।
80 फीट चौड़ी होगी नई गौरवपथ सड़क
गौरवपथ-2 की कुल लंबाई 2.3 किलोमीटर होगी। वर्तमान में यह सड़क कहीं 65, कहीं 70 तो कहीं 77 फीट चौड़ी है। इसे एक समान 80 फीट चौड़ा बनाया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण के लिए केवल सरकारी भूमि का उपयोग किया जाएगा, निजी जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा।सड़क के दोनों ओर ग्रीनरी और पाथवे विकसित किए जाएंगे, जिससे इसका सौंदर्य और बढ़ेगा।
दिसंबर 2026 तक पूरा होगा काम
नगर निगम ने बताया कि गौरवपथ-2 का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। यह सड़क राजधानी के सबसे पुराने और व्यस्त क्षेत्रों में से एक को रिंग रोड से जोड़ने का भी काम करेगी।
क्षेत्र का व्यावसायिक और आवासीय महत्व
बिजली ऑफिस चौक से पचपेड़ी नाका तक का इलाका आवासीय और व्यावसायिक दोनों रूपों में मिश्रित है। सिद्धार्थ चौक से पचपेड़ी नाका तक कई बड़े व्यावसायिक परिसर, शिक्षण संस्थान, अस्पताल और प्रशासनिक भवन स्थित हैं। गौरवपथ बनने से इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और संपत्ति मूल्य में वृद्धि होगी।
गौरवपथ-2 से मिलने वाले प्रमुख लाभ
✅ जाम से राहत: सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और आवागमन सुगम बनेगा।
✅ ईंधन की बचत: वाहनों की गति सुचारू रहने से पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी।
✅ सुरक्षा में सुधार: एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं को जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी।
✅ आर्थिक विकास: व्यावसायिक गतिविधियों, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट वैल्यू में वृद्धि होगी।
✅ सौंदर्यीकरण: सड़क के दोनों ओर हरियाली और सफाई से शहर की छवि निखरेगी।
महापौर मीनल चौबे ने कहा:
“गौरवपथ-2 सिर्फ एक सड़क नहीं होगी, बल्कि यह शहर की पहचान बनेगी। हमारा उद्देश्य रायपुर की सभी सड़कों को सुंदर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है।”






