बसना में गौरा-गौरी महोत्सव का भव्य आयोजन, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने निभाई सोंटा खाने की परंपरा
बसना। दीपावली के पावन अवसर पर बसना नगर में परंपरा, आस्था और लोक संस्कृति से परिपूर्ण गौरा-गौरी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि “गौरा-गौरी पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। हमें इस समृद्ध संस्कृति को संजोकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए, ताकि हमारी युवा पीढ़ी अपनी माटी और जड़ों से जुड़ी रहे।”
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भगवान शिव (गौरा) और माता पार्वती (गौरी) की मिट्टी से बनी आकर्षक मूर्तियों की स्थापना की। पारंपरिक वाद्ययंत्र मांदर, ढोल और झांझ की गूंज के साथ “जोहार-जोहार मोर गौरा-गौरी” के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। सजीव झांकी और शोभायात्रा ने लोक आस्था की अद्भुत झलक प्रस्तुत की। नगर भ्रमण के उपरांत मूर्तियों की विधिवत स्थापना की गई, जहां सामूहिक आरती और भक्ति गीतों से माहौल आनंदमय बन गया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. अग्रवाल ने सोंटा खाने की परंपरा का भी निर्वहन किया, जो साहस, आस्था और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने स्वयं भाग लेकर इस प्राचीन परंपरा को जीवंत रखा। क्षेत्रवासियों ने विधायक के इस कृत्य को संस्कृति के प्रति सम्मान का अद्भुत उदाहरण बताया।
गौरा-गौरी पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में समूह नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं युवाओं ने दीप सज्जा व झांकी निर्माण में भाग लेकर लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। पूरे नगर में दीपमालाओं से सजा वातावरण और लोकगीतों की गूंज ने बसना को एक जीवंत सांस्कृतिक रंगमंच में बदल दिया।



