बलौदाबाजार। अर्जुनी परिक्षेत्र के अंतर्गत वन्यप्राणी गौर (बायसन) के शिकार की घटना के सामने आने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। यह घटना 25 अक्टूबर 2025 को बिलारी परिसर के संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 324 में हुई थी, जहां गौर को करेन्ट लगाकर मारने की जानकारी प्राप्त हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वनमंडल अधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के निर्देश पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए और संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ प्रारंभ की है। साथ ही इस अवैध कृत्य में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग ने इस घटना में सतर्कता की कमी और निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में वनरक्षक (परिसर रक्षी बिलारी ) श्री प्रेमचंद धृतलहरे को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वनमंडल अधिकारी श्री गणवीर ने कहा कि — “वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकार में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
घटना के बाद से अर्जुनी परिक्षेत्र सहित आसपास के सभी परिसरों में गश्त और निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया गया है। विभागीय दलों को सतत निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
वन विभाग का कहना है कि ऐसे कृत्य न केवल वन्यजीवों के लिए खतरनाक हैं, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र के लिए भी नुकसानदेह हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन पर कड़ी सजा और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



