स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत प्रतियोगिताएं बेगलेस डे के दिन गढ़पटनी शाला में आयोजित
बसना। शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में 27 सितम्बर 2025 को स्वच्छता पखवाड़ा के अवसर पर विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षिक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन “बेगलेस डे” के दिन रखा गया, ताकि विद्यार्थी बिना किताब-कॉपी के भी अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे सरस्वती वंदना और सामूहिक स्वच्छता शपथ के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रधान पाठक श्री सरविन्द सिदार, सहायक शिक्षक लगन नाग, खीरवंती भोई, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, अभिभावक तथा ग्राम के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं का विवरण
सबसे पहले चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें बच्चों ने “स्वच्छ गांव–स्वस्थ जीवन”, “स्वच्छ भारत–सशक्त भारत” और “स्वच्छता ही सेवा” जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए। इन चित्रों में रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल विद्यालय तक सीमित न रहकर घर, मोहल्ले और पूरे समाज में लागू होनी चाहिए।
इसके बाद निबंध लेखन प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी लेखनी से स्वच्छता का महत्व उजागर किया। उन्होंने गंदगी से होने वाली बीमारियों, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव और सामुदायिक सहयोग से स्वच्छता अभियान को सफल बनाने जैसे बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए।
वाद-विवाद प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में सबसे अधिक उत्साह का संचार किया। कक्षा चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों ने “स्वच्छ भारत मिशन की सफलता में बच्चों की भूमिका” विषय पर पक्ष और विपक्ष में अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। जहां पक्ष रखने वाले बच्चों ने कहा कि छोटे-छोटे कदम भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं, वहीं विपक्ष रखने वाले बच्चों ने माना कि बच्चों की भागीदारी जरूरी है, लेकिन जिम्मेदारी मुख्य रूप से बड़ों पर अधिक है। दोनों पक्षों के तर्कों ने श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।
कविता पाठ में नन्हे कवियों ने स्वच्छता पर प्रेरक और मनमोहक कविताएं सुनाईं। कुछ कविताएं लयबद्ध और सरल भाषा में थीं, जिन्हें सुनकर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह बढ़ाया। वहीं नारा लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “जहां स्वच्छता वहां स्वास्थ्य”, “स्वच्छता अपनाएं, बीमारी भगाएं” और “हम सबका यही पैगाम, स्वच्छ बने अपना ग्राम” जैसे प्रभावी नारे लिखे।
पुरस्कार एवं संदेश
निर्णायक मंडल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता का मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
अंत में प्रधान पाठक श्री सरविन्द सिदार ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल अभियान भर नहीं है, बल्कि यह जीवन का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को अपने घर, विद्यालय और पूरे वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया। श्री सिदार ने यह भी कहा कि यदि बच्चे बचपन से स्वच्छता की आदत अपनाएंगे तो भविष्य में पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक स्वच्छता शपथ के साथ हुआ। बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों ने यह प्रण लिया कि वे न केवल विद्यालय बल्कि अपने आसपास के पूरे वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।



