रायपुर। रायपुर में शनिवार रात 8 बजे से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। रायपुर में भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए नगर निगम ने छोटी-बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु अलग-अलग तालाब और अस्थायी कुंड तैयार किए हैं। वहीं, महादेव घाट में केवल बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है।
गणेश प्रतिमा विसर्जन की धूम, रायपुर में विशेष व्यवस्थाएं
रायपुर के बुढ़ापारा में राउत नाचा की थीम पर ढोल-मंजीरे और पारंपरिक गीतों की गूंज के बीच गणपति बप्पा को विदाई दी गई।भिलाई में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। तिरंगे झंडे और देशभक्ति की थीम ने पूरे माहौल को देशप्रेम से सराबोर कर दिया।
मनेंद्रगढ़ में भाईचारे की मिसाल
मनेंद्रगढ़ में गणेश विसर्जन के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द्र की झलक देखने को मिली। मुस्लिम युवक ने गणेश रथ की रस्सी पकड़कर उसे खींचा और हिंदू युवकों के साथ मिलकर नृत्य भी किया।
रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजधानी रायपुर में विसर्जन के लिए 800 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी लगातार नजर रखी जा रही है।
रात 8 बजे से शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक, तात्यापारा चौक, शारदा चौक, मौदहापारा, मालवीय रोड, कालीबाड़ी चौक और फायर बिग्रेड चौक से कोतवाली चौक की ओर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है।
समता कॉलोनी में दक्षिण भारतीय शैली का पंडाल
रायपुर की समता कॉलोनी में इस बार गणपति बप्पा दक्षिण भारतीय शैली में विराजमान हुए। पंडाल को दक्षिण भारतीय मंदिर की भव्य झलक दी गई, जहां भगवान गणेश की प्रतिमा पारंपरिक अलंकरण और श्रृंगार से सुसज्जित थी।
भक्तों की उमड़ी भीड़
गणपति दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। महिलाओं और बच्चों ने विशेष रूप से दक्षिण भारतीय संस्कृति को दर्शाते इस पंडाल को खूब सराहा। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच माहौल भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर आनंद का अनुभव किया।






