महासमुंद(जीतयादव)। जिले में पंजीकृत हजारों किसानों ने अब तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, जिससे उनकी आगामी 22वीं किस्त रुकने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने शेष बचे किसानों से जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है।
अब सिर्फ ई-केवाईसी नहीं, फार्मर आईडी अनिवार्य
इस बार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत फार्मर आईडी को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब केवल ई-केवाईसी पर्याप्त नहीं होगी। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं होगी, उनकी अगली किस्त रोकी जा सकती है।
फार्मर आईडी को किसानों की डिजिटल पहचान माना जा रहा है, जिसमें जमीन की जानकारी, फसल का विवरण, खेती से जुड़ा डेटा और आमदनी का रिकॉर्ड शामिल रहेगा।
26,384 किसानों की फार्मर आईडी बनना बाकी
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में कुल 1,30,367 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 1,03,983 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 26,384 किसानों की आईडी अब भी लंबित है।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार योजना में पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों की आईडी अब तक नहीं बनी है, उन्हें 22वीं किस्त का लाभ नहीं मिल पाएगा।
गांव-गांव पहुंच रहा कृषि अमला
लंबित आईडी का लक्ष्य जल्द पूरा करने के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। मैदानी अमले के माध्यम से गांवों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कृषि विभाग के कर्मचारी सीधे किसानों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि किसी भी पात्र किसान की किस्त न रुके।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि समय रहते अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें योजना का वित्तीय लाभ लगातार मिलता रहे।
हर साल मिलते हैं 6000 रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में, हर चार महीने में 2000 रुपये सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक किसानों को 21 किस्तों का लाभ मिल चुका है और अब सभी की नजर 22वीं किस्त पर टिकी हुई है।




26,384 किसानों की फार्मर आईडी बनना बाकी
